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भक्ति

मंत्र संग्रह

वेदों और पुराणों से लिए गए मंत्र, हर मंत्र के साथ संस्कृत श्लोक, उच्चारण में सहायक ट्रांसलिटरेशन और सरल अर्थ। जानिए कौन सा मंत्र कब और क्यों जपा जाता है।

नित्य मंत्र

भोजन मंत्र

अन्नदेवता

भोजन से पहले कृतज्ञता व्यक्त करने और भोजन को पवित्र मानने के लिए बोला जाने वाला मंत्र।

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प्रातः स्मरण

लक्ष्मी, सरस्वती, गोविंद और धरती माता

नींद से उठते ही अपने हाथों और धरती माता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने वाला मंत्र।

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रात्रि प्रार्थना (क्षमा प्रार्थना)

भगवान शिव

सोने से पहले दिनभर की जाने-अनजाने गलतियों के लिए क्षमा माँगने का मंत्र।

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स्नान मंत्र

सप्त पवित्र नदियाँ

स्नान करते समय सात पवित्र नदियों का आह्वान करने वाला मंत्र।

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दीप मंत्र

दीपज्योति

पूजा में दीपक जलाते समय बोला जाने वाला मंत्र, स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए।

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प्रभात स्मरण

त्रिदेव और नवग्रह

ब्रह्मा, विष्णु, शिव और नवग्रहों का स्मरण करते हुए शुभ प्रभात की कामना करने वाला मंत्र।

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शांति मंत्र

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सामान्य प्रश्न

मंत्र और श्लोक में क्या अंतर है? +

मंत्र एक ध्वनि-सूत्र है जिसे बार-बार जपा जाता है और जिसका विशेष आध्यात्मिक प्रभाव माना जाता है, जैसे गायत्री मंत्र। श्लोक एक छंदबद्ध पद्य है, जो किसी देवता की स्तुति या उपदेश का वर्णन करता है। कई स्तुतियाँ श्लोकों में होती हैं, पर मंत्र की तरह जपी भी जाती हैं।

मंत्र जपने का सही तरीका क्या है? +

स्नान के बाद स्वच्छ स्थान पर बैठें, मन शांत रखें, और उच्चारण स्पष्ट रखें। शुरुआत में संख्या से ज़्यादा ध्यान शुद्ध उच्चारण और भाव पर दें। इस पृष्ठ पर हर मंत्र के साथ दी गई ट्रांसलिटरेशन उच्चारण में सहायक है।

क्या ये मंत्र किसी विशेष परंपरा से जुड़े हैं? +

यहाँ दिए गए मंत्र वेदों, पुराणों और सामान्य हिंदू पूजा-परंपरा से लिए गए हैं, और भारत में हर क्षेत्र और संप्रदाय में व्यापक रूप से प्रचलित हैं।

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