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पंचक

आज पंचक है या नहीं?

आज पंचक चल रहा है या नहीं और अगला पंचक कब शुरू होगा, इसकी सूची। पंचक चंद्रमा के धनिष्ठा (पद 3-4), शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्रों में होने पर होता है, लगभग हर 27 दिन में एक बार।

गणना हो रही है...

पंचक क्या है?

पंचक एक साप्ताहिक-से-थोड़ा-कम आवृत्ति वाला समय-खंड है जब चंद्रमा शास्त्रीय रूप से "पंचक" कहे जाने वाले पाँच नक्षत्रों से गुज़र रहा होता है: धनिष्ठा (पद 3-4), शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती। लगभग हर 27 दिन में एक बार, यह खंड करीब 4-6 दिन तक चलता है।

परंपरागत रूप से पंचक के दौरान कुछ नए काम टाले जाते हैं: जैसे लंबी यात्रा शुरू करना, नया घर बनाना या ईंधन जमा करना, दक्षिण दिशा की यात्रा, और अंत्येष्टि से जुड़े शास्त्रीय नियमों में विशेष सावधानी। घर के रोज़मर्रा के काम, दफ़्तर का काम या पहले से शुरू किया गया काम जारी रखने पर यह लागू नहीं माना जाता।

यह पन्ना पंचक की तारीख़ें दिखाता है, कोई "करें या न करें" फ़ैसला नहीं देता। अंतिम निर्णय परिवार, परंपरा और पंडित पर छोड़ा जाता है।

सामान्य प्रश्न

पंचक से जुड़े सवाल

पंचक हर जगह एक ही समय होता है क्या? +

हाँ, पंचक चंद्रमा की सिद्ध राशि-नक्षत्र स्थिति पर आधारित है, जो पृथ्वी पर हर जगह एक ही होती है। इसलिए दिल्ली, लंदन या न्यूयॉर्क में एक ही तारीख़ पर पंचक होता है (स्थानीय समय-मंडल के अनुसार दिन शुरू और खत्म हो सकता है)।

क्या पंचक में जन्म-कुंडली बनवा सकते हैं? +

हाँ, कुंडली बनवाने पर कोई पंचक-आधारित रोक नहीं है। पंचक के परहेज़ मुख्यतः "नई शुरुआत" वाले शारीरिक कामों से जुड़े हैं, जैसे यात्रा, निर्माण। जन्म का समय बदला नहीं जा सकता, इसलिए बच्चे की जन्म-कुंडली उसी क्षण के आधार पर बनती है।

क्या पंचक में शादी हो सकती है? +

अधिकांश परंपराएँ पंचक में शादी को नहीं टालतीं, क्योंकि विवाह मुहूर्त तिथि, नक्षत्र, योग और लग्न के मिले-जुले प्रभाव से तय होता है, केवल पंचक से नहीं। पूरा विवाह मुहूर्त निकालने के लिए हमारी मुहूर्त सेवा देखें।

यह जानकारी कहाँ से आती है? +

हर तारीख़ के लिए हम भारतीय मानक समय (IST) दोपहर 12 बजे पर चंद्रमा के सटीक खगोलीय स्थान से नक्षत्र निकालते हैं (स्विस एफ़मेरिस + लाहिरी अयनांश)। इस विधि से मिली तिथियाँ मुख्यधारा पंचांगों की तिथियों से मेल खाती हैं।