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शुभ-अशुभ काल

आज का मुहूर्त: राहु काल, अभिजित और चौघड़िया

आपको मिलता है: चुने शहर के लिए सूर्योदय और सूर्यास्त, राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल, अभिजित मुहूर्त, और दिन व रात की चौघड़िया। मुफ़्त, साइनअप नहीं।

इस्तेमाल कैसे करें

  1. अपना शहर चुनें. शहर खोजें और सूची से चुनें। शुरू में नई दिल्ली भरा होता है।
  2. "मुहूर्त देखें" दबाएं. उस शहर के सूर्योदय और सूर्यास्त दिखते हैं।
  3. नतीजा पढ़ें. उनके नीचे अशुभ काल, शुभ काल, और दिन व रात की चौघड़िया दिखती है।

आज का मुहूर्त

नतीजा कैसे पढ़ें

  • अशुभ काल (राहु काल, यमगण्ड, गुलिक काल) परंपरा में नया काम शुरू करने के लिए टाले जाते हैं।
  • अभिजित मुहूर्त उस दिन का शुभ समय है। चौघड़िया दिन और रात के सोलह स्लॉट को शुभ, सम या अशुभ बताती है।
  • ये सारे समय चुने हुए शहर के सूर्योदय और सूर्यास्त से निकलते हैं, किसी की कुंडली से नहीं।

मुहूर्त कैसे तय होता है?

हर दिन शुभ और अशुभ, दोनों तरह के समय-खंड होते हैं। राहु काल, यमगण्ड और गुलिक काल परंपरागत रूप से नए काम के लिए टाले जाते हैं, क्योंकि इन खंडों में ग्रहों का प्रभाव प्रतिकूल माना जाता है।

इसके उलट अभिजित मुहूर्त, दिन का एक स्थिर और शुभ समय, लगभग हर दिन आधे घंटे के आसपास रहता है और लगभग किसी भी शुभ कार्य के लिए उपयुक्त माना जाता है।

चौघड़िया दिन और रात को आठ-आठ हिस्सों में बाँटता है, हर हिस्से को शुभ, अशुभ या मिश्रित दर्जा देता है, ताकि छोटे कामों के लिए भी जल्दी सही समय चुना जा सके।

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सामान्य प्रश्न

मुहूर्त से जुड़े सवाल

राहु काल में क्या नहीं करना चाहिए? +

परंपरा के अनुसार राहु काल में यात्रा शुरू करना, नया व्यापार खोलना, विवाह या गृह प्रवेश जैसे शुभ काम टाले जाते हैं। रोज़मर्रा के काम जारी रखे जा सकते हैं।

क्या अभिजित मुहूर्त हर काम के लिए ठीक है? +

अभिजित मुहूर्त को सामान्य शुभ कार्यों के लिए विश्वसनीय माना जाता है, पर विवाह जैसे बड़े निर्णयों के लिए दोनों की जन्म कुंडली और पंचांग मिलाकर विशेष मुहूर्त निकाला जाता है।

विवाह की तारीख़ के लिए दोनों की कुंडली क्यों देखी जाती है? +

विवाह की तारीख़ पंचांग के नियमों को वर और वधू दोनों के तारा बल और चंद्र बल से मिलाकर चुनी जाती है, इसलिए वह रोज़ के मुहूर्त से ज़्यादा बातें देखती है। हमारी विवाह तिथि शॉर्टलिस्ट यही करती है।