पंचांग · योग
आज का योग
कोई भी योजना बनाने से पहले आज का योग जान लें: यह कब समाप्त होगा, और यह शुभ, अशुभ या सामान्य है। नई दिल्ली के अनुसार समय। अपने शहर के लिए पूरा पंचांग टूल खोलें।
नई दिल्ली का आज का पंचांग
रविवार, 1 नवंबर 2026
- तिथि
- कृष्ण सप्तमी (2:52 pm तक)
- वार
- रविवार
- नक्षत्र
- पुष्य (अगले दिन 4:30 am तक)
- योग
- साध्य (2:39 pm तक)
- करण
- बव (2:52 pm तक)
- सूर्योदय
- 6:34 am
- सूर्यास्त
- 5:35 pm
आज का योग
साथ ही
योग क्या है?
योग पंचांग का चौथा अंग है। यह सूर्य और चंद्रमा के देशांतर के योग (कुल) से निकलता है, कुल 360° को 27 बराबर भागों में बाँटकर।
हर योग लगभग एक दिन चलता है और चंद्रमा-सूर्य की सापेक्ष चाल के अनुसार बदलता है। 27 योगों में से कुछ शास्त्रीय रूप से शुभ (जैसे सिद्ध, अमृत, वृद्धि) और कुछ अशुभ (जैसे विष्कुम्भ, अतिगण्ड, व्याघात) माने जाते हैं।
शुभ योग को नए काम, यात्रा, विवाह मुहूर्त के लिए अनुकूल माना जाता है। अशुभ योगों में मुख्य कार्य टाले जा सकते हैं, पर यह पूर्ण निषेध नहीं है, अन्य पंचांग-अंगों के साथ मिलाकर देखा जाता है।
सामान्य प्रश्न
योग से जुड़े सवाल
क्या "योग" का यहाँ मतलब पातंजल योग है?
नहीं। पंचांग का "योग" एक खगोलीय गणना है, सूर्य और चंद्रमा के देशांतर का योग। यह आसन/प्राणायाम वाले पातंजल योग-सूत्रों से अलग विषय है, केवल शब्द एक ही है।
कौन-से योग सबसे शुभ माने जाते हैं?
सिद्ध, अमृत, वृद्धि, धृति, शोभन, सुकर्मा और परिघ शास्त्रीय रूप से शुभ माने जाते हैं। इनमें से सिद्ध और अमृत विशेष रूप से नए कार्यों के लिए अनुकूल हैं।
व्याघात या विष्कुम्भ योग में क्या टालें?
ये दोनों अशुभ योगों में गिने जाते हैं। परंपरा में इस अवधि में नए व्यवसाय, यात्रा शुरू, विवाह और गृह प्रवेश टाले जाते हैं। रोज़मर्रा के कामों पर यह लागू नहीं होता।
योग का बदलने का समय हर शहर में अलग होता है क्या?
योग का सटीक बदलने का समय शहर के अक्षांश, देशांश और समय क्षेत्र पर निर्भर करता है। इसलिए एक ही कैलेंडर तारीख पर दो शहरों में समाप्ति का समय थोड़ा अलग दिख सकता है।