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शांति मंत्र

असतो मा सद्गमय

ब्रह्म

बृहदारण्यक उपनिषद की यह प्रार्थना अज्ञान से ज्ञान और मृत्यु-भय से अमरता की ओर ले जाने की कामना करती है।

कब जपें

ध्यान से पहले, या जब मन अंधकार या भ्रम में हो।

संस्कृत श्लोक

ॐ असतो मा सद्गमय। तमसो मा ज्योतिर्गमय। मृत्योर्मा अमृतं गमय॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥

उच्चारण (रोमन)

Om Asato Maa Sad Gamaya, Tamaso Maa Jyotir Gamaya, Mrityor Maa Amritam Gamaya. Om Shantih Shantih Shantih.

हिंदी में अर्थ

मुझे असत्य से सत्य की ओर ले चलो। मुझे अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो। मुझे मृत्यु से अमरता की ओर ले चलो। यह प्रार्थना आंतरिक जागृति और सत्य की खोज का आह्वान है।

सामान्य प्रश्न

असतो मा सद्गमय क्या है और इसका क्या महत्व है? +

बृहदारण्यक उपनिषद की यह प्रार्थना अज्ञान से ज्ञान और मृत्यु-भय से अमरता की ओर ले जाने की कामना करती है।

असतो मा सद्गमय कब जपना चाहिए? +

ध्यान से पहले, या जब मन अंधकार या भ्रम में हो।

असतो मा सद्गमय का अर्थ क्या है? +

मुझे असत्य से सत्य की ओर ले चलो। मुझे अंधकार से प्रकाश की ओर ले चलो। मुझे मृत्यु से अमरता की ओर ले चलो। यह प्रार्थना आंतरिक जागृति और सत्य की खोज का आह्वान है।

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