शांति मंत्र
द्यौः शान्तिः मंत्र
ईश्वर
आकाश, पृथ्वी, जल, वनस्पति और समस्त सृष्टि में शांति की कामना करने वाला वैदिक शांति पाठ।
कब जपें
यज्ञ, हवन या किसी सामूहिक प्रार्थना के अंत में।
संस्कृत श्लोक
ॐ द्यौः शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः पृथिवी शान्तिरापः शान्तिरोषधयः शान्तिः। वनस्पतयः शान्तिर्विश्वेदेवाः शान्तिर्ब्रह्म शान्तिः सर्वं शान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सा मा शान्तिरेधि॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
उच्चारण (रोमन)
Om Dyauh Shantirantariksham Shantih Prithivi Shantirapah Shantiroshadhayah Shantih, Vanaspatayah Shantirvishvedevah Shantirbrahma Shantih Sarvam Shantih Shantireva Shantih Saa Maa Shantiredhi. Om Shantih Shantih Shantih.
हिंदी में अर्थ
आकाश में शांति हो, अंतरिक्ष में शांति हो, पृथ्वी, जल, औषधियों और वनों में शांति हो। सभी देवताओं में शांति हो, ब्रह्म में शांति हो, सब कुछ शांतिमय हो। वह शांति मुझमें भी स्थिर हो।
सामान्य प्रश्न
द्यौः शान्तिः मंत्र क्या है और इसका क्या महत्व है? +
आकाश, पृथ्वी, जल, वनस्पति और समस्त सृष्टि में शांति की कामना करने वाला वैदिक शांति पाठ।
द्यौः शान्तिः मंत्र कब जपना चाहिए? +
यज्ञ, हवन या किसी सामूहिक प्रार्थना के अंत में।
द्यौः शान्तिः मंत्र का अर्थ क्या है? +
आकाश में शांति हो, अंतरिक्ष में शांति हो, पृथ्वी, जल, औषधियों और वनों में शांति हो। सभी देवताओं में शांति हो, ब्रह्म में शांति हो, सब कुछ शांतिमय हो। वह शांति मुझमें भी स्थिर हो।
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