नित्य मंत्र
रात्रि प्रार्थना (क्षमा प्रार्थना)
भगवान शिव
सोने से पहले दिनभर की जाने-अनजाने गलतियों के लिए क्षमा माँगने का मंत्र।
कब जपें
रात को सोने से ठीक पहले।
संस्कृत श्लोक
करचरणकृतं वाक्कायजं कर्मजं वा। श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधम्॥ विहितमविहितं वा सर्वमेतत् क्षमस्व। जय जय करुणाब्धे श्रीमहादेव शम्भो॥
उच्चारण (रोमन)
Kara-Charana-Kritam Vaak-Kaayajam Karmajam Vaa, Shravana-Nayanajam Vaa Maanasam Vaaparaadham, Vihitam-Avihitam Vaa Sarvametat Kshamasva, Jaya Jaya Karunaabdhe Shri Mahaadeva Shambho.
हिंदी में अर्थ
हाथ, पैर, वाणी, शरीर, कर्म, कान, आँख या मन से जो भी गलती जाने-अनजाने हुई हो, हे करुणा के सागर महादेव शंभु, उन सबको क्षमा कीजिए। आपकी जय हो।
सामान्य प्रश्न
रात्रि प्रार्थना (क्षमा प्रार्थना) क्या है और इसका क्या महत्व है? +
सोने से पहले दिनभर की जाने-अनजाने गलतियों के लिए क्षमा माँगने का मंत्र।
रात्रि प्रार्थना (क्षमा प्रार्थना) कब जपना चाहिए? +
रात को सोने से ठीक पहले।
रात्रि प्रार्थना (क्षमा प्रार्थना) का अर्थ क्या है? +
हाथ, पैर, वाणी, शरीर, कर्म, कान, आँख या मन से जो भी गलती जाने-अनजाने हुई हो, हे करुणा के सागर महादेव शंभु, उन सबको क्षमा कीजिए। आपकी जय हो।
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