मुख्य सामग्री पर जाएँ

कार्तिकेय मंत्र

सुब्रह्मण्य मंत्र

भगवान कार्तिकेय (सुब्रह्मण्य)

साहस, विजय और ज्ञान के लिए स्कंद (कार्तिकेय) की स्तुति।

कब जपें

स्कंद षष्ठी पर, या कार्तिकेय पूजा में।

संस्कृत श्लोक

ज्ञानशक्तिधर स्कन्द वल्लीकल्याणसुन्दर। देवसेनामनःकान्त कार्तिकेय नमोऽस्तुते॥

उच्चारण (रोमन)

Jnana-Shakti-Dhara Skanda Valli-Kalyaana-Sundara, Devasenaa-Manah-Kaanta Kartikeya Namostute.

हिंदी में अर्थ

ज्ञान की शक्ति धारण करने वाले स्कंद, वल्ली के सुंदर वर, देवसेना के मन को मोहने वाले, हे कार्तिकेय, आपको नमन।

सामान्य प्रश्न

सुब्रह्मण्य मंत्र क्या है और इसका क्या महत्व है? +

साहस, विजय और ज्ञान के लिए स्कंद (कार्तिकेय) की स्तुति।

सुब्रह्मण्य मंत्र कब जपना चाहिए? +

स्कंद षष्ठी पर, या कार्तिकेय पूजा में।

सुब्रह्मण्य मंत्र का अर्थ क्या है? +

ज्ञान की शक्ति धारण करने वाले स्कंद, वल्ली के सुंदर वर, देवसेना के मन को मोहने वाले, हे कार्तिकेय, आपको नमन।

← सभी मंत्र देखें

अपनी कुंडली जानें

जन्म विवरण भरें: स्कोर मुफ़्त में मिलेगा। पूरी रिपोर्ट आपके ईमेल पर भेजी जाएगी।

सटीक खगोलीय गणना · कोई स्पैम नहीं · गोपनीयता