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देवी मंत्र

देवी स्तुति

माँ दुर्गा / जगदम्बा

भय, दुख और दरिद्रता से रक्षा के लिए माँ दुर्गा की स्तुति।

कब जपें

नवरात्रि में, दुर्गा पूजा के समय, या भय के क्षणों में।

श्लोक 1

संस्कृत श्लोक

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

उच्चारण (रोमन)

Ya Devi Sarva-bhuteshu Shakti-rupena Sansthitaa, Namastasyai Namastasyai Namastasyai Namo Namah.

हिंदी में अर्थ

जो देवी सभी प्राणियों में शक्ति के रूप में विराजमान हैं, उन्हें बार-बार नमन है।

श्लोक 2

संस्कृत श्लोक

सर्वमंगलमांगल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तुते॥

उच्चारण (रोमन)

Sarva-Mangala-Maangalye Shive Sarvaartha-Saadhike, Sharanye Tryambake Gauri Naaraayani Namostute.

हिंदी में अर्थ

हे सर्वमंगला, कल्याणकारिणी, सब कामनाओं को पूर्ण करने वाली, शरण देने वाली, त्रिनेत्रधारी गौरी नारायणी, आपको नमन।

श्लोक 3

संस्कृत श्लोक

दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि। दारिद्र्यदुःखभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्द्रचित्ता॥

उच्चारण (रोमन)

Durge Smrita Harasi Bheetim-Ashesha-Jantoh Svasthaih Smritaa Matimateeva Shubhaam Dadaasi, Daaridrya-Duhkha-Bhaya-Haarini Kaa Tvadanyaa Sarvopakaara-Karanaaya Sadaardra-Chittaa.

हिंदी में अर्थ

हे दुर्गा, संकट में स्मरण करते ही आप हर भय हर लेती हैं, और सुखी अवस्था में स्मरण करने पर शुद्ध बुद्धि देती हैं। दरिद्रता, दुख और भय हरने वाली आपके अलावा कौन है, जिसका हृदय सबकी भलाई के लिए सदा द्रवित रहता है।

सामान्य प्रश्न

देवी स्तुति क्या है और इसका क्या महत्व है? +

भय, दुख और दरिद्रता से रक्षा के लिए माँ दुर्गा की स्तुति।

देवी स्तुति कब जपना चाहिए? +

नवरात्रि में, दुर्गा पूजा के समय, या भय के क्षणों में।

देवी स्तुति का अर्थ क्या है? +

जो देवी सभी प्राणियों में शक्ति के रूप में विराजमान हैं, उन्हें बार-बार नमन है।

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