मुहूर्त · यात्रा
यात्रा मुहूर्त
नई यात्रा (लंबी दूरी, विदेश, तीर्थ) शुरू करने के लिए अगले 90 दिनों में शुभ दिन देखें। हर दिन का 0-100 स्कोर, दिन के आधार पर।
शुभ नक्षत्र
अश्विनी, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा और रेवती।
अशुभ नक्षत्र
भरणी, आश्लेषा, ज्येष्ठा और मूल, नई यात्रा के लिए टाले जाते हैं।
वार का नियम
शनिवार आमतौर पर टाला जाता है; प्रत्येक वार पर एक अलग "दिशाशूल" दिशा में यात्रा टाली जाती है (उदा. सोमवार को पूर्व, गुरुवार को दक्षिण), यह अलग विषय है।
और ध्यान देने योग्य
- रिक्ता तिथि (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) और अमावस्या नई यात्रा के लिए टाली जाती हैं।
- निकलने का समय शुभ चौघड़िया (अमृत, शुभ, लाभ) में रखें और राहु काल से बचें; /muhurat और /rahu-kaal उपकरण देखें।
- दिशाशूल: सोमवार-पूर्व, मंगल-उत्तर, बुध-उत्तर, गुरु-दक्षिण, शुक्र-पश्चिम, शनि-पूर्व, रविवार-पश्चिम को उस दिशा में यात्रा टाली जाती है।
दूसरे कार्यक्रम के लिए मुहूर्त
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सामान्य प्रश्न
यात्रा आरम्भ मुहूर्त से जुड़े सवाल
क्या यह उपकरण दिशाशूल की जाँच करता है?
नहीं, यह उपकरण केवल दिन का शुभ-अशुभ स्कोर देता है। दिशाशूल दिशा-निर्भर नियम है (पंचांग की मानक तालिका "और ध्यान देने योग्य" में दी है); अपनी यात्रा की दिशा उससे मिलाकर देखें।
क्या हवाई यात्रा और सड़क यात्रा पर एक ही नियम लगते हैं?
हाँ, परंपरा में "प्रस्थान" का दिन गिना जाता है, वाहन का प्रकार महत्वहीन है। नियम विदेश यात्रा, तीर्थ और लंबी सड़क यात्रा तीनों पर लगते हैं।
रोज़ की छोटी यात्रा (ऑफ़िस, बाज़ार) पर भी यह देखें?
परंपरा में मुहूर्त-नियम नई/लंबी यात्रा (जब आप कई दिनों तक घर से दूर रहें) पर लगते हैं। दैनिक आवागमन पर आमतौर पर लागू नहीं होते।
क्या तीर्थ यात्रा पर वही नियम लगते हैं?
हाँ, नक्षत्र-वार-तिथि नियम तीर्थ पर भी लगते हैं। कुछ तीर्थ (कांवड़, चार धाम, कुम्भ) अपने-अपने विशेष कैलेंडर के अनुसार होते हैं, जहाँ स्कोर कम भी हो तो यात्रा शुभ मानी जाती है।