गणेश चतुर्थी मुहूर्त
गणेश चतुर्थी 2026
सोमवार, 14 सितंबर 2026
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणपति बप्पा घर-घर विराजते हैं और अनंत चतुर्दशी को विसर्जन के साथ विदा होते हैं। नीचे 14 सितंबर की स्थापना का शुभ मुहूर्त, दस दिन की पूजा-विधि, सामग्री की सूची, मुख्य मंत्र और चंद्र दर्शन से जुड़ी पारंपरिक सावधानी दी गई है।
शुभ मुहूर्त
गणेश स्थापना: प्रातः 11:03 से दोपहर 1:34 तक। मध्याह्न का शुभ काल।
अपने शहर का मुहूर्त देखें →इस पर्व से जुड़े दिन
सोमवार, 14 सितंबर 2026
गणेश चतुर्थी
शुक्रवार, 25 सितंबर 2026
अनंत चतुर्दशी
गणेश जी की स्थापना: विधि, सामग्री और मंत्र
भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर मध्याह्न काल में भगवान गणेश का जन्म हुआ माना जाता है, इसलिए इसी समय स्थापना का विशेष महत्व है। महाराष्ट्र में लोकमान्य तिलक जी ने 1893 में इस पर्व को सार्वजनिक रूप देकर स्वतंत्रता संग्राम का माध्यम बनाया, और तब से यह देश-भर में सामुदायिक उत्सव बन गया।
दस दिन तक बप्पा घर में मेहमान की तरह विराजते हैं। कोई परिवार डेढ़ दिन, कोई पाँच दिन, कोई सात दिन, तो कोई पूरे दस दिन बप्पा को रखता है। विसर्जन अनंत चतुर्दशी (25 सितंबर 2026) पर सबसे बड़े जुलूस के साथ होता है, जिसमें "गणपति बप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या" के जयकारे गूँजते हैं।
पूजा सामग्री (Samagri): मिट्टी की गणेश मूर्ति (शादु माटी की पर्यावरण-अनुकूल), चौकी, लाल या पीला वस्त्र, अक्षत, रोली, कुमकुम, हल्दी, चंदन, गंगाजल, कलश, आम के पत्ते, नारियल, दूर्वा (21 दूर्वा की गड्डियाँ), लाल फूल (जासवंद विशेष), मोदक (21), लड्डू (बूँदी या तिल), गुड़, केला, पान-सुपारी, लौंग-इलायची, धूप, अगरबत्ती, कपूर, दीपक, घी, रुई की बत्ती, और दक्षिणा के लिए सिक्का।
स्थापना विधि: स्नान करके साफ वस्त्र पहनें। पूजा स्थल को गंगाजल छिड़ककर शुद्ध करें। चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर अक्षत की छोटी-सी ढेरी बनाएँ, उस पर मूर्ति स्थापित करें। कलश की स्थापना करें। "ॐ गं गणपतये नमः" मंत्र से आवाहन, आसन, पाद्य, अर्घ्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, यज्ञोपवीत, गंध, अक्षत, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, तांबूल, दक्षिणा, इन षोडशोपचार से पूजा करें। 21 दूर्वा एक साथ बप्पा के मस्तक पर चढ़ाएँ। मोदक का भोग लगाएँ। आरती करें और प्रसाद बाँटें।
मुख्य मंत्र:
बीज मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः।। (कम-से-कम 108 बार)
वक्रतुण्ड मंत्र: वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।
गायत्री मंत्र: ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि। तन्नो दन्ती प्रचोदयात्।।
दस दिन प्रतिदिन प्रातः और सायं आरती ("सुखकर्ता दुःखहर्ता वार्ता विघ्नाची") करें, ताज़ा नैवेद्य लगाएँ और परिवार के साथ बप्पा के भजन गाएँ।
स्थापना और विसर्जन का सही समय
गणेश स्थापना मध्याह्न काल में की जाती है, यानी दिन का मध्य भाग जब सूर्य आकाश के मध्य में होते हैं। इसी समय गणेश जी का प्राकट्य माना गया है।
दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों के लिए 14 सितंबर 2026 को स्थापना का शुभ मुहूर्त प्रातः 11:03 से दोपहर 1:34 तक है (मध्याह्न काल)। अपने शहर का सटीक समय मुहूर्त पेज पर देखें, क्योंकि यह हर स्थान के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर करता है।
चंद्र दर्शन वर्जन: पारंपरिक मान्यता है कि इस दिन चंद्रमा को देखने से "मिथ्या कलंक" लगता है (श्रीकृष्ण को स्यमन्तक मणि की चोरी का झूठा आरोप लगने की कथा से जुड़ा)। भूल से दर्शन हो जाए तो "सिंहः प्रसेनमवधीत्..." श्लोक का पाठ करने से दोष निवारण होता है।
विसर्जन: अनंत चतुर्दशी (25 सितंबर 2026) पर पारंपरिक विसर्जन जुलूस निकाला जाता है। घर में विसर्जन करने वाले परिवार बप्पा को बड़े बर्तन या बाल्टी में विसर्जित कर मिट्टी को गमले या बगीचे में उपयोग कर सकते हैं, यह पर्यावरण के लिए सर्वोत्तम है।
विदेश में समय (टाइमज़ोन के अनुसार)
कनाडा में गणेश चतुर्थी 2026: स्थापना और विसर्जन का समय
गणेश चतुर्थी 2026, सोमवार 14 सितंबर को है। टोरंटो या वैंकूवर जैसे कनाडाई शहर के लिए स्थापना और विसर्जन का सही समय कैसे तय करें।
UK में गणेश चतुर्थी 2026: स्थापना और विसर्जन का समय
गणेश चतुर्थी 2026, सोमवार 14 सितंबर को है। अपने UK शहर के लिए स्थापना और विसर्जन का सही समय कैसे तय करें।
ऑस्ट्रेलिया में गणेश चतुर्थी 2026: स्थापना और विसर्जन का समय
गणेश चतुर्थी 2026, सोमवार 14 सितंबर को है। सिडनी या मेलबर्न जैसे ऑस्ट्रेलियाई शहर के लिए स्थापना और विसर्जन का सही समय कैसे तय करें।
गणेश चतुर्थी 2026: स्थापना और विसर्जन का मुहूर्त
गणेश चतुर्थी 2026 की तारीख, मूर्ति स्थापना के शुभ समय का नियम, और अपने शहर के लिए सटीक मुहूर्त कैसे जांचें।
USA में गणेश चतुर्थी 2026: स्थापना और विसर्जन का समय
गणेश चतुर्थी 2026, सोमवार 14 सितंबर को है। अपने US शहर के लिए स्थापना और विसर्जन का सही समय कैसे तय करें।
सामान्य प्रश्न
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गणेश चतुर्थी 2026 कब है? +
गणेश चतुर्थी 2026, 14 सितंबर (सोमवार) को है। यह भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर मनाई जाती है।
गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है? +
दिल्ली में स्थापना का शुभ मुहूर्त प्रातः 11:03 से दोपहर 1:34 तक है (मध्याह्न काल)। यह गणेश जी के प्राकट्य का समय माना जाता है। अपने शहर का सटीक समय मुहूर्त पेज पर देखें।
गणपति विसर्जन कब है? +
सार्वजनिक और घर-घर बड़े स्तर पर विसर्जन अनंत चतुर्दशी, 25 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को होता है। छोटे विसर्जन डेढ़ दिन, तीसरे, पाँचवें, सातवें और नौवें दिन भी परिवार अपनी परंपरा के अनुसार करते हैं।
गणेश जी को कौन-सा भोग सबसे प्रिय है? +
मोदक बप्पा को सबसे प्रिय है, विशेषकर उकडीचे मोदक (चावल के आटे और नारियल-गुड़ के भरावन वाले, भाप में पके)। बूँदी के लड्डू, तिल के लड्डू और गुड़ भी अर्पित किए जाते हैं। स्थापना के दिन 21 मोदक का भोग विशेष माना जाता है।
दूर्वा (घास) क्यों चढ़ाई जाती है, और कितनी? +
दूर्वा गणेश जी को अत्यंत प्रिय है। एक कथा के अनुसार, अनलासुर नामक असुर को निगलने के बाद उनके पेट में जलन हुई, जो ऋषियों द्वारा दी गई 21 दूर्वा से शांत हुई। इसीलिए 21 दूर्वा एक साथ, गुच्छा बनाकर बप्पा के मस्तक पर चढ़ाई जाती हैं।
क्या PoP (प्लास्टर ऑफ पेरिस) की मूर्ति ठीक है? +
नहीं, PoP पानी में नहीं घुलता और जल-स्रोतों को प्रदूषित करता है। शादु माटी (प्राकृतिक मिट्टी) की मूर्ति ही परंपरा और पर्यावरण दोनों के लिए सही है। कई शहरों में PoP मूर्ति पर प्रतिबंध भी है।
चंद्र दर्शन के दोष से कैसे बचें? +
चतुर्थी की रात चंद्रमा को देखने से बचें। भूल से दर्शन हो जाए तो इस श्लोक का पाठ करें: "सिंहः प्रसेनमवधीत् सिंहो जाम्बवता हतः। सुकुमारक मा रोदीस्तव ह्येष स्यमन्तकः।।"
विदेश में विसर्जन कैसे करें? +
यदि आस-पास कोई प्राकृतिक जल-स्रोत उपलब्ध नहीं है (या स्थानीय नियम अनुमति नहीं देते), तो घर में बड़े बर्तन या बाल्टी में विसर्जन करें और मिट्टी को गमले या बगीचे में डालें। यह सबसे साफ, सम्मानजनक और पर्यावरण-सम्मत तरीक़ा है।