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आरती

श्री यमुना माता की आरती

ॐ जय यमुना माता

टेक (हर पद के बाद दोहराएँ)

ॐ जय यमुना माता, मैया जय यमुना माता। जो नर तुमको ध्यावत, सो पातक हर पाता॥

पद 1

सूर्य पुत्री तुम माता, यम की तुम भगिनी। कालिंदी नाम तुम्हारा, ब्रज की तुम रंगिनी॥

पद 2

श्री कृष्ण की तुम प्यारी, वृन्दावन में बहतीं। रास लीला की साक्षी, गोपियों संग रचतीं॥

पद 3

तेरे जल में स्नान से, पाप सब कट जावें। दर्शन मात्र से माता, दुख सारे मिट जावें॥

पद 4

यमुना माँ की आरती, जो कोई जन गावे। मनवांछित फल पावे, यम भय दूर भगावे॥

सामान्य प्रश्न

श्री यमुना माता की आरती कब गाई जाती है? +

श्री यमुना माता की आरती पूजा के अन्त में गाई जाती है, सुबह या शाम दोनों समय। दीपक या कपूर की ज्योत से देवता के समक्ष आरती उतारी जाती है।

श्री यमुना माता की आरती का टेक क्या है? +

श्री यमुना माता की आरती का टेक है: "ॐ जय यमुना माता, मैया जय यमुना माता।", जिसे हर पद के बाद दोहराया जाता है।

क्या श्री यमुना माता की आरती पूरी हिंदी में उपलब्ध है? +

हाँ, इस पृष्ठ पर श्री यमुना माता की आरती के सभी 4 पद पूरे हिंदी में दिए गए हैं।

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