आरती
श्री राम की आरती
आरती श्री रामायण जी की
टेक (हर पद के बाद दोहराएँ)
आरती श्री रामायण जी की। कीरति कलित ललित सिय पी की॥
पद 1
गावत ब्रह्मादिक मुनि नारद, वाल्मीकि विद्वान। सुक सनकादिक शेष अरु शारद, बरनत पावन पीय पिय की॥
पद 2
गावत वेद पुराण अष्टदश, छहों शास्त्र सब ग्रन्थन के। रस बरसावत तुलसीदास, मंगल कारन ललित लली की॥
पद 3
नित पर सुन्दर सुख सम्पदा दायक, प्रेम-प्रकाशक तम-नाशक। रघुकुल भूषण दूषण-हारक, सकल कामना पूरन की॥
पद 4
मंगल भवन अमंगल हारी, द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी। राम सिया राम सिया राम जय जय राम। राम सिया राम सिया राम जय जय राम॥
सामान्य प्रश्न
श्री राम की आरती कब गाई जाती है? +
श्री राम की आरती पूजा के अन्त में गाई जाती है, सुबह या शाम दोनों समय। दीपक या कपूर की ज्योत से देवता के समक्ष आरती उतारी जाती है।
श्री राम की आरती का टेक क्या है? +
श्री राम की आरती का टेक है: "आरती श्री रामायण जी की।", जिसे हर पद के बाद दोहराया जाता है।
क्या श्री राम की आरती पूरी हिंदी में उपलब्ध है? +
हाँ, इस पृष्ठ पर श्री राम की आरती के सभी 4 पद पूरे हिंदी में दिए गए हैं।
अपनी कुंडली जानें
जन्म विवरण भरें: स्कोर मुफ़्त में मिलेगा। पूरी रिपोर्ट आपके ईमेल पर भेजी जाएगी।
सटीक खगोलीय गणना · कोई स्पैम नहीं · गोपनीयता