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राशि अनुकूलता

कन्या और मकर राशि अनुकूलता

स्वाभाविक रूप से अनुकूल तत्व: पृथ्वी · पृथ्वी स्वामी: बुध · शनि स्वभाव: द्विस्वभाव · चर

छोटा जवाब: राशि-स्तर पर यह जोड़ी स्वाभाविक रूप से सहज है। कन्या पृथ्वी तत्व की राशि है, स्वामी बुध। मकर पृथ्वी तत्व की, स्वामी शनि। राशि मेल एक परत है: असली 36 गुण अंक दोनों के जन्म नक्षत्र से आता है। नीचे स्वभाव, पैसे, परिवार और बातचीत की बात है।

तत्व और स्वभाव

दोनों पृथ्वी तत्व की राशियाँ हैं, इसलिए स्वभाव, गति और जीवन को देखने का नज़रिया स्वाभाविक रूप से मिलता है। एक को दूसरे की प्रतिक्रिया अक्सर पहले से समझ आ जाती है।

एक चर और एक द्विस्वभाव राशि: एक दिशा तय करता है, दूसरा उसमें ढल जाता है, गति बनी रहती है।

इन दोनों राशियों की ऊर्जा

दो पृथ्वी राशियाँ मिलकर एक जमी-जमाई, व्यावहारिक ज़िंदगी बनाती हैं। पैसा, घर और दिनचर्या आमतौर पर अच्छे से संभलते हैं और वादे निभते हैं। ध्यान इस बात का कि आराम कहीं ठहराव न बन जाए, इसलिए बीच-बीच में कुछ नया जान-बूझकर करते रहें।

स्वामी ग्रह और साझा मूल्य

स्वामी ग्रह बुध और शनि का संबंध तटस्थ है, न ख़ास मदद, न ख़ास बाधा।

स्वामी ग्रहों का रिश्ता तटस्थ है, तो घर और पैसे के फ़ैसलों में शुरू में तालमेल बिठाना पड़ता है। एक बार नियम तय हो जाएँ तो चीज़ें बिना घर्षण के चलती हैं।

क्या सहज है, किस पर ध्यान दें

दोनों एक ही लय में चलते हैं, इसलिए रोज़मर्रा की योजनाओं और आदतों में तालमेल बिठाना आसान रहता है। बड़े फ़ैसलों पर भी सोच मिलती-जुलती रहती है, तो तनाव के समय दोनों एक ही दिशा में सोचते हैं।

उम्मीदें खुलकर सामने न रखी जाएँ तो छोटी ग़लतफ़हमियाँ जमा होती रहती हैं। यह जोड़ी तब बेहतर चलती है जब बातचीत सीधी हो और मुद्दे टाले न जाएँ।

बातचीत और रोज़मर्रा की लय

एक दिशा तय करता है, दूसरा उसमें ढल जाता है, तो योजनाएँ चलती रहती हैं। दिक़्क़त तब आती है जब दिशा बार-बार बदले। पहल करने वाला फ़ैसले पर थोड़ा टिका रहे तो लय बनी रहती है।

शुरुआत कहाँ से करें

अगर शादी की सोच रहे हैं, तो तीन काम पहले कर लें। मुफ़्त गुण मिलान चलाएँ ताकि सिर्फ़ राशि मेल नहीं, असली अंक सामने हो। दोनों की कुंडली में मंगलिक दोष जाँचें। और परिवार के योजना बनाने से पहले पैसे और रहने के इंतज़ाम पर बात कर लें, क्योंकि इतनी मिलती-जुलती जोड़ी यह बातचीत सहमति मानकर टाल सकती है।

विवाह और परिवार के नज़रिए से

राशि-स्तर पर यह जोड़ी सहज दिखती है, तो परिवार को समझाना आमतौर पर मुश्किल नहीं होता। फिर भी बड़े-बुज़ुर्ग पूरी कुंडली और गुण मिलान देखना चाहेंगे, ख़ासकर नाड़ी और भकूट दोष की जाँच। यह सामान्य प्रक्रिया है, इसे रुकावट न मानें।

36 गुण मिलान में यह जोड़ी

अष्टकूट मिलान के आठ कूटों में भकूट (7 अंक) दोनों राशियों के बीच की दूरी देखता है, जबकि गण, नाड़ी और योनि जन्म नक्षत्र पर टिके हैं। एक ही तत्व की यह जोड़ी अक्सर भकूट में अच्छा करती है, पर बाक़ी कूट राशि से नहीं, जन्म तारे से तय होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या कन्या और मकर एक-दूसरे के लिए अच्छे साथी हैं? +

काफ़ी हद तक, हाँ। दोनों एक ही तत्व के हैं, तो रोज़मर्रा की समझ आसानी से बनती है, हालाँकि निर्णय लेते समय एक-सी शैली कभी-कभी टकरा भी सकती है। राशि मेल यहाँ पक्ष में है, बाक़ी नक्षत्र-स्तर की जाँच पर निर्भर करता है।

कन्या और मकर के बीच तकरार कहाँ हो सकती है? +

एक दिशा तय करता है, दूसरा ढलता है, पर कभी-कभी दिशा बार-बार बदलने से तालमेल बिगड़ सकता है।

क्या राशि मेल कमज़ोर लगे तो कन्या और मकर को शादी का विचार छोड़ देना चाहिए? +

नहीं। इस जोड़ी का राशि मेल मज़बूत है, फिर भी फ़ैसला सिर्फ़ इससे नहीं होता। कन्या और मकर के लिए फ़ैसला 36 गुण मिलान, मंगलिक और नाड़ी दोष की जाँच, और दोनों परिवारों की सहमति पर टिकता है।

कन्या और मकर को आमतौर पर कितने गुण मिलते हैं? +

कन्या और मकर के लिए कोई तय संख्या नहीं होती। एक ही तत्व की जोड़ी होने से भकूट कूट आमतौर पर पक्ष में रहता है, पर गण, नाड़ी और योनि जन्म नक्षत्र से तय होते हैं, इसलिए अंक हर जोड़े का अलग आता है। अपना अंक जानने के लिए नीचे मुफ़्त मिलान चलाएँ।

अगला कदम

दोनों के जन्म विवरण से असली 36 गुण स्कोर

कन्या और मकर की बात आगे बढ़ाने से पहले अपने असली अंक देख लें।

गण, नाड़ी और योनि जन्म नक्षत्र से तय होते हैं, इसलिए सिर्फ़ राशि से स्कोर नहीं बनता। दोनों की जन्म तारीख़, समय और शहर डालें: स्कोर पेज पर मुफ़्त दिखता है। आठों कूट, मांगलिक और नाड़ी दोष और उपायों वाली पूरी PDF रिपोर्ट $11 में है।

हमारा मिलान स्कोर मुफ़्त देखें