शारदीय नवरात्रि 2027 में 1 अक्टूबर, शुक्रवार से शुरू होगी, और विजयादशमी (दशहरा) 9 अक्टूबर, शनिवार को है।
घटस्थापना का सामान्य नियम
घटस्थापना प्रतिपदा तिथि के दौरान, सुबह के समय करना शुभ माना जाता है। पंचांग स्रोतों में हर साल का ठीक मुहूर्त तिथि और चित्रा नक्षत्र के मेल पर निर्भर करता है, इसलिए यहां ठीक मिनट बताने की बजाय अपने पंचांग की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।
घटस्थापना की सामग्री और विधि
मिट्टी के पात्र में जौ बोकर उसके ऊपर कलश रखा जाता है, कलश को आम के पत्तों और नारियल से सजाया जाता है। पास में अखंड ज्योति जलाई जाती है, जो नौ दिन तक जलती रहती है। कुछ घरों में देवी की मूर्ति के आगे रोज़ अलग शृंगार और भोग चढ़ाया जाता है, नौ दिन के नौ रंगों की परंपरा भी कई परिवारों में निभाई जाती है।
नौ दिनों का कैलेंडर
नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ रूपों, शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक, की पूजा को समर्पित हैं, अंतिम दिन विजयादशमी पर उत्सव पूरा होता है। अष्टमी और नवमी को कन्या पूजन की परंपरा भी कई घरों में निभाई जाती है, छोटी लड़कियों को देवी का रूप मानकर भोजन कराया जाता है।
अपने शहर के लिए सटीक समय कैसे जांचें
पंचांग पेज पर अपना शहर चुनकर उस दिन की तिथि और नक्षत्र की पुष्टि करें, और घटस्थापना राहु काल हटाकर करें।
अंतिम फैसला परिवार का
अगर तिथि दोपहर से पहले समाप्त हो रही हो, तो घटस्थापना सुबह जल्दी करना बेहतर माना जाता है। परिवार अक्सर अपने पारंपरिक पुरोहित या स्थानीय पंचांग से भी पुष्टि कर लेते हैं, खासकर जब ऑनलाइन स्रोतों में मामूली अंतर दिखे।