मकर संक्रांति 2027, शुक्रवार, 15 जनवरी को है। सूर्य 14 जनवरी 2027 को रात 9:14 बजे मकर राशि में प्रवेश करता है। यह क्षण सूर्यास्त के बाद है, इसलिए स्नान-दान का पुण्यकाल अगले दिन, 15 जनवरी को है: नई दिल्ली में पुण्यकाल सुबह 7:15 से शाम 5:46 तक और महा पुण्यकाल सुबह 7:15 से 9:00 तक (द्रिक पंचांग)।
यह दिन क्या दर्शाता है
यह उत्तरायण की शुरुआत है, जब सूर्य अपनी दक्षिणी दिशा से उत्तरी दिशा की ओर मुड़ता है। लोहड़ी (पंजाब) इससे एक दिन पहले, 14 जनवरी की शाम को है, जबकि तमिलनाडु में पोंगल और असम में माघ बिहू 15 जनवरी को ही हैं। तिल-गुड़ बाँटना, पतंग उड़ाना, और गंगा में पवित्र स्नान इस दिन की परंपराएँ हैं। यह सौर कैलेंडर पर आधारित पर्व है, इसलिए हर साल लगभग 14-15 जनवरी को ही पड़ता है, जबकि ज़्यादातर हिंदू पर्व चंद्र कैलेंडर पर तय होते हैं और तारीख साल-दर-साल बदलती रहती है।
दान की परंपरा
तिल, गुड़, खिचड़ी और कंबल दान करना इस दिन विशेष पुण्यदायी माना जाता है, इसलिए उत्तर भारत में इसे खिचड़ी पर्व भी कहते हैं। प्रयागराज, हरिद्वार और गंगासागर में लाखों श्रद्धालु स्नान के लिए जुटते हैं। जो नदी तक नहीं पहुंच सकते, वे घर पर पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर भी यही भावना निभाते हैं।
पुण्यकाल कब आता है
सूर्य 14 जनवरी 2027 को रात 9:14 बजे मकर राशि में प्रवेश करता है। यह क्षण सूर्यास्त के बाद है, इसलिए स्नान-दान का पुण्यकाल अगले दिन, 15 जनवरी को है: नई दिल्ली में पुण्यकाल सुबह 7:15 से शाम 5:46 तक और महा पुण्यकाल सुबह 7:15 से 9:00 तक (द्रिक पंचांग)।
अपने शहर के लिए टाइमिंग जाँचें
उस दिन के सूर्योदय के लिए अपना शहर चुनकर मुहूर्त पेज देखें। संक्रांति का सटीक क्षण पंचांग पेज पर भी देखा जा सकता है।