दिवाली 2027 में 29 अक्टूबर, शुक्रवार को है। लक्ष्मी पूजन कार्तिक अमावस्या की रात, प्रदोष काल में करने की परंपरा है।
लक्ष्मी पूजन का अनुमानित मुहूर्त
प्रकाशित पंचांग स्रोतों के अनुसार दिल्ली के लिए प्रदोष काल मुहूर्त लगभग शाम 5:55 से 7:21 बजे के बीच बताया गया है। अलग-अलग पंचांग स्रोतों में स्थिर लग्न के आधार पर समय-सीमा थोड़ी अलग-अलग दी जाती है, इसलिए यह एक अनुमानित सीमा है, ठीक मिनट नहीं।
पांच दिन का त्योहार
- 27 अक्टूबर: धनतेरस
- 28 अक्टूबर: छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी)
- 29 अक्टूबर: दिवाली, लक्ष्मी पूजन
- 30 अक्टूबर: गोवर्धन पूजा
- 31 अक्टूबर: भाई दूज
पूजा में क्या रखें
चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति स्थापित करें, साथ में कुबेर और सरस्वती की तस्वीर भी रखी जा सकती है। कमल का फूल, खील-बताशे, मिठाई और सिक्के थाली में सजाए जाते हैं। बहीखाता (नया लेखा-जोखा) और कलम भी पूजा में रखने की परंपरा व्यापारी परिवारों में निभाई जाती है। दीये पूरे घर में जलाए जाते हैं, विशेषकर मुख्य द्वार और तुलसी के पास।
अपने शहर के लिए सटीक समय कैसे जांचें
प्रदोष काल का ठीक समय आपके शहर के सूर्यास्त पर निर्भर करता है। मुहूर्त पेज पर अपना शहर चुनकर उस दिन का सूर्यास्त और चौघड़िया देखें।
अंतिम फैसला परिवार का
अगर स्थिर लग्न की खिड़की व्यावहारिक रूप से कठिन लगे, जैसे देर रात या काम के घंटों में, तो ज़्यादातर परिवार पूरे प्रदोष काल में किसी भी सुविधाजनक समय पूजा कर लेते हैं। भावना और नियमितता समय की सटीकता से ज़्यादा मायने रखती है।