दिवाली 2027 में 29 अक्टूबर, शुक्रवार को है। लक्ष्मी पूजन कार्तिक अमावस्या की रात, प्रदोष काल में करने की परंपरा है।
लक्ष्मी पूजन का अनुमानित मुहूर्त
द्रिक पंचांग के अनुसार नई दिल्ली में लक्ष्मी पूजा मुहूर्त शाम 6:34 से 7:05 बजे तक है, सिर्फ़ 31 मिनट। प्रदोष काल 5:39 से 8:13 और वृषभ (स्थिर) लग्न 6:34 से 8:30 तक है, लेकिन अमावस्या शाम 7:05 पर समाप्त हो जाती है, इसलिए दोनों का मेल छोटा रह जाता है। मुंबई में मुहूर्त शाम 6:07 से 7:05 तक है। इस साल ढील की गुंजाइश नहीं है, पूजा की तैयारी मुहूर्त शुरू होने से पहले पूरी रखें। विदेश में तारीख़ भी बदल सकती है: अमेरिका, UK और यूरोप में दिवाली 28 अक्टूबर को है।
पांच दिन का त्योहार
- 27 अक्टूबर: धनतेरस
- 28 अक्टूबर: छोटी दिवाली (नरक चतुर्दशी)
- 29 अक्टूबर: दिवाली, लक्ष्मी पूजन
- 30 अक्टूबर: गोवर्धन पूजा
- 31 अक्टूबर: भाई दूज
पूजा में क्या रखें
चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति स्थापित करें, साथ में कुबेर और सरस्वती की तस्वीर भी रखी जा सकती है। कमल का फूल, खील-बताशे, मिठाई और सिक्के थाली में सजाए जाते हैं। बहीखाता (नया लेखा-जोखा) और कलम भी पूजा में रखने की परंपरा व्यापारी परिवारों में निभाई जाती है। दीये पूरे घर में जलाए जाते हैं, विशेषकर मुख्य द्वार और तुलसी के पास।
अपने शहर के लिए सटीक समय कैसे जांचें
प्रदोष काल का ठीक समय आपके शहर के सूर्यास्त पर निर्भर करता है। मुहूर्त पेज पर अपना शहर चुनकर उस दिन का सूर्यास्त और चौघड़िया देखें।
अंतिम फैसला परिवार का
अगर स्थिर लग्न की खिड़की व्यावहारिक रूप से कठिन लगे, जैसे देर रात या काम के घंटों में, तो ज़्यादातर परिवार पूरे प्रदोष काल में किसी भी सुविधाजनक समय पूजा कर लेते हैं। भावना और नियमितता समय की सटीकता से ज़्यादा मायने रखती है।