दिवाली 2026 में 8 नवंबर, रविवार को है। लक्ष्मी पूजन कार्तिक अमावस्या की रात, प्रदोष काल में करने की परंपरा है।
लक्ष्मी पूजन का अनुमानित मुहूर्त
द्रिक पंचांग के अनुसार नई दिल्ली में लक्ष्मी पूजा मुहूर्त शाम 5:54 से 7:50 तक है: प्रदोष काल (शाम 5:31 से 8:09) के भीतर स्थिर वृषभ लग्न। मुंबई में मुहूर्त शाम 6:27 से 8:27 तक है। रात का निशीथ काल दिल्ली में 11:39 से 12:31 तक है।
पांच दिन का त्योहार
- 6 नवंबर: धनतेरस
- 7 नवंबर: काली चौदस, हनुमान पूजा
- 8 नवंबर: नरक चतुर्दशी का अभ्यंग स्नान (दिल्ली में सुबह 5:41 से 6:38) और शाम को दिवाली, लक्ष्मी पूजन; 2026 में दोनों एक ही दिन
- 10 नवंबर: गोवर्धन पूजा
- 11 नवंबर: भाई दूज
ये भारत की तारीख़ें हैं। अमेरिका, UK, कनाडा और ज़्यादातर यूरोप में गोवर्धन पूजा और भाई दूज एक दिन पहले (9 और 10 नवंबर) हैं।
पूजा में क्या रखें
चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति स्थापित करें, कमल का फूल, खील-बताशे, मिठाई और सिक्के थाली में सजाएं। व्यापारी परिवार बहीखाता और कलम भी पूजा में रखते हैं। दीये पूरे घर में, विशेषकर मुख्य द्वार और तुलसी के पास, जलाए जाते हैं।
अपने शहर के लिए सटीक समय कैसे जांचें
प्रदोष काल का ठीक समय आपके शहर के सूर्यास्त पर निर्भर करता है, इसलिए यह हर शहर में कुछ मिनट अलग होगा। मुहूर्त पेज पर अपना शहर चुनकर उस दिन का सूर्यास्त और चौघड़िया देखें, और पूजा राहु काल हटाकर शुभ समय में रखें।
अंतिम फैसला परिवार का
अगर स्थिर लग्न की खिड़की व्यावहारिक रूप से कठिन लगे, तो पूरे प्रदोष काल में किसी भी सुविधाजनक समय पूजा करना भी स्वीकार्य माना जाता है। नियमितता और भावना सटीक मिनट से ज़्यादा मायने रखती है।