धनतेरस 2027, बुधवार, 27 अक्टूबर को है, जो पाँच दिनों के दीपावली उत्सव का पहला दिन है।

सामान्य समय

सोना, चाँदी, नए पीतल या ताँबे के बर्तन ख़रीदना, और धन्वंतरि की पूजा करना, प्रदोष काल और त्रयोदशी तिथि के दौरान शुभ माना जाता है। सटीक खिड़की आपके शहर के सूर्यास्त पर निर्भर करती है।

विदेश में धनतेरस मनाना

जिन शहरों में भारतीय ज्वेलर्स नहीं हैं, वहां कई परिवार धनतेरस पर बर्तन या सिक्का ऑनलाइन पहले से मंगवा लेते हैं ताकि सही दिन उपलब्ध रहे। जो लोग नई गाड़ी या इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदने की योजना बना रहे हों, वे भी अक्सर प्रदोष काल की खिड़की में डील फाइनल करना पसंद करते हैं, भले ही डिलीवरी बाद में हो। असली सोना-चांदी न सही, घर में मौजूद गहनों की सफाई और पूजा भी परंपरा निभाने का तरीका है।

परंपरागत रूप से क्या ख़रीदा जाता है

सोने या चाँदी के सिक्के और गहने, नए पीतल या ताँबे के बर्तन, और लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति परंपरागत ख़रीदारी है। झाड़ू ख़रीदना ग़रीबी को बुहार देने का प्रतीकात्मक तरीक़ा माना जाता है।

अपने शहर की टाइमिंग जाँचें

उस दिन के सूर्यास्त और राहु काल के लिए अपना शहर चुनकर मुहूर्त पेज देखें, और राहु काल के बाहर ख़रीदारी करें। त्रयोदशी तिथि की पुष्टि पंचांग पेज पर भी की जा सकती है।