चैत्र नवरात्रि 2027, बुधवार, 7 अप्रैल को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होकर राम नवमी तक चलती है।
यह दिन क्या दर्शाता है
इस दिन नौ दिनों की दुर्गा पूजा शुरू होती है, जो विक्रम संवत नए साल की शुरुआत के साथ मेल खाती है, जिसे कई क्षेत्रों में गुड़ी पड़वा या उगादी के रूप में मनाया जाता है। नौ दिनों में देवी के नौ रूपों की क्रमवार पूजा होती है, नौवें दिन राम नवमी पर समापन होता है।
घटस्थापना की विधि
मिट्टी के पात्र में जौ बोकर उसके ऊपर कलश रखा जाता है, कलश को आम के पत्तों और नारियल से सजाया जाता है। पास में अखंड ज्योति जलाई जाती है, जो नौ दिन तक जलती रहती है। तिथि और अभिजित मुहूर्त दोनों का मेल देखकर समय तय किया जाता है, अगर तिथि दोपहर से पहले खत्म हो रही हो तो सुबह जल्दी घटस्थापना बेहतर मानी जाती है।
घटस्थापना कब किया जाता है
प्रतिपदा तिथि प्रभावी रहते हुए, सुबह अभिजित मुहूर्त के दौरान घटस्थापना विशेष रूप से शुभ माना जाता है, यह दिन के बीचोंबीच का करीब 48 मिनट का समय होता है।
अपने शहर के लिए टाइमिंग जाँचें
उस दिन के अभिजित मुहूर्त के लिए अपना शहर चुनकर मुहूर्त पेज देखें। प्रतिपदा तिथि की अवधि पंचांग पेज पर भी देखी जा सकती है।