भाई दूज पर बहन भाई के माथे पर तिलक लगाकर उसकी लंबी उम्र की कामना करती है। तारीख के लिए भाई दूज मुहूर्त लेख देखें।

तिलक थाली की सामग्री

  • रोली, अक्षत (साबुत चावल)
  • नारियल, सुपारी
  • मिठाई, फल
  • कलावा (रक्षा सूत्र)

विधि

  1. बहन भाई को आसन पर बैठाकर उसकी आरती उतारती है।
  2. भाई के माथे पर रोली और अक्षत का तिलक लगाती है।
  3. कलावा बांधकर मिठाई खिलाती है और लंबी उम्र की प्रार्थना करती है।
  4. भाई बहन को उपहार या यथाशक्ति भेंट देता है।
  5. दोनों साथ बैठकर भोजन करते हैं, जैसा यमराज ने यमुना के घर किया था।

यम-यमुना की कथा का सार

कथा के अनुसार यमुना ने अपने भाई यमराज को अपने घर आमंत्रित किया, तिलक लगाया और भोजन कराया। प्रसन्न होकर यमराज ने वरदान दिया कि जो भी बहन इस दिन भाई का तिलक करे, उसके भाई की आयु लंबी होगी।

जब भाई पास न हो

जिन परिवारों में भाई-बहन अलग शहर या देश में हों, वहां तिलक की रस्म को थोड़ा बदल कर निभाया जाता है। बहन वीडियो कॉल पर तिलक की रस्म दिखाती है, भाई के लिए पहले से भेजी गई मिठाई खुद खाकर प्रतीकात्मक रूप से त्योहार मनाता है, और बाद में जब मिलना हो तब असली तिलक दोहराया जाता है। यह परंपरा से हटकर भले लगे, पर भावना असल में मायने रखती है, रस्म की सटीक नकल नहीं।