रक्षाबंधन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। 2027 में रक्षाबंधन 17 अगस्त, मंगलवार को है।

भद्रा काल में राखी क्यों नहीं बांधी जाती

भद्रा एक निश्चित करण (विष्टि करण) के दौरान बनती है, परंपरा में इसे अशुभ माना गया है, इसलिए राखी बांधने की रस्म भद्रा हटाकर की जाती है। भद्रा हर पूर्णिमा को नहीं बनती और बनती भी है तो उसका समय हर साल अलग होता है।

भद्रा से जुड़ी मान्यता

पौराणिक कथा के अनुसार रावण को उसकी बहन ने भद्रा काल में ही राखी बांधी थी, जिसके ठीक एक साल बाद उसका विनाश हुआ, इसी वजह से भद्रा काल को राखी बांधने के लिए अशुभ माना जाने लगा। भद्रा का मुख (शुरुआती हिस्सा) सबसे अधिक अशुभ माना जाता है, वहीं भद्रा की पूंछ (आखिरी हिस्सा) अपेक्षाकृत कम प्रभावी मानी जाती है।

भद्रा है या नहीं, कैसे पता करें

रक्षाबंधन के दिन पंचांग पेज पर उस दिन का करण देखें; अगर विष्टि करण दिखे, तो वह भद्रा काल है और राखी उसके बाद बांधना बेहतर रहता है।

अंतिम फैसला परिवार का

अगर भद्रा पूरे दिन या ज्यादातर हिस्से में रहे, तो परंपरा में प्रदोष काल (शाम) में भी राखी बांधने की छूट है। विदेश में रहने वाले भाई-बहनों के लिए, जहां समय का अंतर भद्रा की गणना को और उलझा देता है, स्थानीय पंचांग की पुष्टि करना सबसे भरोसेमंद तरीका है।