मकर संक्रांति 2027 में 14 जनवरी, गुरुवार को है, सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के दिन।

पर्व का महत्व

यह उत्तरायण का शुभारंभ है, सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण की ओर मुड़ता है। इसी दिन को पंजाब में लोहड़ी, तमिलनाडु में पोंगल और असम में माघ बिहू के नाम से भी मनाया जाता है। तिल-गुड़ बांटने, पतंग उड़ाने और गंगा स्नान की परंपरा इस दिन निभाई जाती है। यह उन गिने-चुने हिंदू पर्वों में है जिसकी तारीख सौर कैलेंडर पर आधारित है, इसलिए हर साल लगभग 14 या 15 जनवरी को ही पड़ती है, चंद्र-आधारित पर्वों की तरह इसकी तारीख साल-दर-साल ज़्यादा नहीं बदलती।

दान और स्नान की परंपरा

इस दिन तिल, गुड़, खिचड़ी और कंबल दान करने को विशेष पुण्यदायी माना जाता है, इसीलिए उत्तर भारत में इसे खिचड़ी पर्व भी कहा जाता है। प्रयागराज, हरिद्वार और गंगासागर में लाखों श्रद्धालु इस दिन पवित्र स्नान के लिए जुटते हैं। जो लोग नदी तक नहीं पहुंच पाते, वे घर पर स्नान के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर भी यही भावना निभाते हैं।

पुण्यकाल का सामान्य समय

स्नान-दान के लिए पुण्यकाल सूर्योदय से दोपहर तक माना जाता है, संक्रांति के ठीक क्षण से लेकर सूर्यास्त तक की पूरी अवधि पुण्यकाल में गिनी जाती है।

अपने शहर के लिए समय जांचें

मुहूर्त पेज पर अपना शहर चुनकर उस दिन का सूर्योदय समय देखें। संक्रांति का ठीक क्षण पंचांग पेज पर भी देखा जा सकता है।