करवा चौथ 2027 में 18 अक्टूबर, सोमवार को है, कार्तिक कृष्ण चतुर्थी के दिन।

व्रत का सामान्य नियम

सुहागिनें सूर्योदय से लेकर चांद निकलने तक निर्जला व्रत रखती हैं, पति की लंबी उम्र के लिए। व्रत चांद देखकर, छलनी से पति का चेहरा देखकर और अर्घ्य देकर खोला जाता है।

चांद निकलने का समय शहर-दर-शहर अलग क्यों होता है

चांद निकलने का ठीक समय आपके शहर के देशांतर पर निर्भर करता है, अलग-अलग शहरों के बीच 20 मिनट से लेकर एक घंटे तक का अंतर आम बात है, यह कोई गलती नहीं है।

अपने शहर के लिए सटीक समय कैसे पता करें

करवा चौथ के दिन पंचांग पेज पर अपना शहर चुनकर उस दिन की तिथि की पुष्टि करें, और चांद निकलने का ठीक समय स्थानीय पंचांग या मोबाइल ऐप से नज़दीक आने पर कन्फर्म करें, क्योंकि यह क्षितिज और मौसम के अनुसार कुछ मिनट ऊपर-नीचे हो सकता है।

करवा और सरगी की परंपरा

व्रत की पूर्व संध्या पर सास बहू को सरगी देती है, यह सूर्योदय से पहले खाई जाने वाली थाली होती है जिसमें फल, मेवे और मिठाई होते हैं, इसी से व्रत की शुरुआत होती है। शाम की पूजा में मिट्टी के करवे (टोंटीदार घड़े) से कथा सुनी जाती है, फिर चांद निकलने पर छलनी से पहले चांद और फिर पति का चेहरा देखा जाता है, यह रस्म व्रत तोड़ने का संकेत होती है।

अंतिम फैसला परिवार का

व्रत का पालन सेहत को ध्यान में रखते हुए करें। गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को निर्जला व्रत से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।