गुण मिलान में 18 से कम अंक आने पर घर में चिंता होना स्वाभाविक है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आगे कोई रास्ता नहीं बचा।

पहला कदम: अंक अकेले न देखें

36 गुण मिलान का मतलब पोस्ट में बताया गया है कि अंक की व्याख्या श्रेणियों में होती है, कोई सख्त सीमा-रेखा नहीं। कम अंक के पीछे कौन से कूट कमज़ोर हैं (जैसे सिर्फ ग्रह-मैत्री या गण), यह देखना ज़्यादा जानकारी देता है कि सिर्फ कुल संख्या। अगर वजह सिर्फ ग्रह-मैत्री है, तो दोनों राशियों की सामान्य अनुकूलता राशि अनुकूलता गाइड में देखी जा सकती है।

दूसरा कदम: दोष अलग से देखें

अंक कम होने और दोष होने की स्थिति में फ़र्क है। कई बार अंक थोड़ा कम होने पर भी कोई गंभीर दोष (जैसे नाड़ी) न हो, तो पंडित इसे स्वीकार्य मान सकते हैं।

तीसरा कदम: पूरी तस्वीर पर बात करें

गुण मिलान सिर्फ एक शुरुआती, वर्णनात्मक जानकारी है। परिवार, पंडित और खुद दोनों पक्षों की आपसी समझ को साथ में रखना ज़रूरी है। 36 गुण मिलने पर भी रिश्ते क्यों नहीं चलते पोस्ट में बताया गया है कि ऊंचा अंक भी सब कुछ तय नहीं करता, वैसे ही कम अंक भी अंतिम फैसला नहीं होता।

अपनी रिपोर्ट देखें

कुंडली मिलान टूल पर पूरा विवरण देखें, ताकि सिर्फ एक संख्या नहीं, पूरी जानकारी सामने हो।

यह जानकारी वर्णनात्मक है; यह विवाह का निर्णय नहीं देती।