शादी की तारीख तय करने से पहले ज्यादातर परिवार सबसे पहले यह जानना चाहते हैं कि साल के कौन से महीने वैसे भी शुभ हैं, ताकि उसी दायरे में अपनी सुविधा और मेहमानों की उपलब्धता देखी जा सके। किसी एक “यूनिवर्सल” तारीख की सूची देना गुमराह करने वाला होगा, क्योंकि सटीक विवाह मुहूर्त वर-वधू दोनों की जन्म कुंडली, लग्न और नक्षत्र देखकर ही तय होता है। यहां सिर्फ महीने-स्तर की सामान्य अवधि दी गई है।
2026-27 में अनुकूल महीना-अवधि
पारंपरिक रूप से फरवरी के मध्य से जून के मध्य तक (माघ के अंत से ज्येष्ठ तक), और फिर नवंबर के अंत से फरवरी की शुरुआत तक (कार्तिक से माघ तक) का समय विवाह के लिए अनुकूल गिना जाता है। इस बीच जुलाई से नवंबर तक का हिस्सा, जिसे चातुर्मास कहा जाता है, आमतौर पर टाला जाता है क्योंकि इसे भगवान विष्णु के शयन काल के रूप में माना जाता है।
किन अवधियों से बचना है
खरमास या मलमास, यानी वह महीना जब सूर्य धनु या मीन राशि में रहता है, विवाह के लिए वर्जित माना जाता है। यह हर साल दिसंबर-जनवरी और मार्च-अप्रैल के आसपास पड़ता है, ठीक तारीखें साल-दर-साल बदलती हैं। इसके अलावा अधिक मास (2026 में दो ज्येष्ठ मास की स्थिति) में भी शुभ कार्य टाले जाते हैं।
अपनी सटीक तारीख कैसे तय होगी
महीना-अवधि सिर्फ शुरुआती फिल्टर है। असली विवाह मुहूर्त वर-वधू की जन्म कुंडली, पंचांग, लग्न और विशेष नक्षत्रों के मेल से निकाला जाता है। मुहूर्त पेज से जन्म विवरण देकर विस्तृत विवाह मुहूर्त रिपोर्ट मंगाई जा सकती है, और शादी वाले दिन के राहु काल व अभिजित मुहूर्त की जांच वहीं मुफ्त में की जा सकती है।
अंतिम फैसला परिवार का
महीना-स्तर की यह जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। हॉल की उपलब्धता, मेहमानों की छुट्टियां और परिवार की सुविधा को भी पंचांग जितना ही महत्व दें।