अंक ज्योतिष में सबसे पहले दो सवाल आते हैं: “मेरा मूलांक क्या है” और “मेरा भाग्यांक क्या है”। दोनों अलग-अलग चीज़ें बताते हैं।

मूलांक कैसे बनता है

मूलांक (मनोवैज्ञानिक अंक) सिर्फ़ जन्म के दिन से निकलता है। जैसे किसी का जन्म 23 तारीख़ को हुआ हो, तो 2+3=5, यानी मूलांक 5। यह अंक बताता है कि व्यक्ति का स्वाभाविक स्वभाव कैसा है, और इसी से आपका लकी नंबर भी तय होता है।

भाग्यांक कैसे बनता है

भाग्यांक (भाग्य अंक) पूरी जन्मतिथि (दिन, महीना, साल) से बनता है। सभी अंकों को जोड़कर एक अंक तक घटाया जाता है। यह जीवन-पथ और बड़े रुझान दिखाता है।

दोनों साथ क्यों देखे जाते हैं

मूलांक बताता है आप कैसे व्यवहार करते हैं, भाग्यांक बताता है जीवन किस दिशा में बहता है। अकेले कोई एक अंक पूरी तस्वीर नहीं देता, और न ही यह नामांक की जगह ले सकता है, जो नाम से बनता है।

अपने अंक जानें

अंक ज्योतिष टूल पर जन्मतिथि डालकर तुरंत अपना मूलांक, भाग्यांक और नामांक देखें।

यह जानकारी वर्णनात्मक है; यह कोई जीवन-निर्णय नहीं देती।