बहुत से लोगों के पास अपने जन्म का सही समय नहीं होता, खासकर घर में जन्म हुआ हो या पुराना रिकॉर्ड न बचा हो। इससे कुंडली बनाना असंभव नहीं होता, पर कुछ हिस्से कम सटीक रहते हैं।
जन्म समय का असर कहां सबसे ज्यादा पड़ता है
लग्न (उदय होती राशि) हर 2 घंटे में बदल जाती है, इसलिए जन्म समय में थोड़ी सी भी गलती लग्न को बदल सकती है। इसके उलट राशि (चंद्र राशि) और नक्षत्र ज्यादा स्थिर रहते हैं, ये आमतौर पर पूरे दिन या ज़्यादातर दिन एक ही रहते हैं, सिवाय उन दिनों के जब चंद्रमा ठीक उसी दिन राशि बदल रहा हो।
व्यावहारिक विकल्प
- अस्पताल का जन्म प्रमाण पत्र या पुराने दस्तावेज़ों में समय खोजें
- परिवार के बड़ों से याद किया हुआ अनुमानित समय पूछें (सुबह, दोपहर, शाम जैसा मोटा अंदाज़ा भी मददगार है)
- अगर बिल्कुल समय न मिले, तो दोपहर 12 बजे का अनुमानित समय इस्तेमाल किया जा सकता है, इससे चंद्र राशि और नक्षत्र सही आने की संभावना बनी रहती है, पर लग्न अविश्वसनीय रहेगा
बिना सटीक समय के क्या भरोसेमंद रहता है
राशिफल, नक्षत्र-आधारित जानकारी और ज्यादातर गुण मिलान चंद्र राशि पर आधारित होते हैं, इसलिए मोटा अनुमानित समय होने पर भी ये काफी हद तक सही आते हैं। सिर्फ लग्न-आधारित विश्लेषण (जैसे भाव और योग) पर भरोसा कम रखें।
कुंडली बनाएं
कुंडली टूल पर उपलब्ध सबसे अच्छा अनुमानित समय डालकर शुरुआत करें, और सही समय मिलने पर दोबारा जांच लें।
यह जानकारी वर्णनात्मक है।