गृह प्रवेश यानी नए घर में पहली बार रहने के लिए प्रवेश करना, परिवार के लिए एक बड़ा मौका होता है। परंपरा में इसके लिए एक शुभ दिन चुनने का चलन है, ताकि नई शुरुआत बिना किसी बाधा के हो।
कौन से महीने अनुकूल माने जाते हैं
आमतौर पर फरवरी से मई के बीच और फिर अक्टूबर से दिसंबर के बीच के महीनों को गृह प्रवेश के लिए अच्छा माना जाता है। चातुर्मास (जुलाई से नवंबर के बीच का वह हिस्सा जब भगवान विष्णु के शयन काल की मान्यता है) और मलमास या अधिक मास में आमतौर पर कोई भी शुभ कार्य टाला जाता है। साल भर के व्रत-त्योहार और मास की पूरी सूची फेस्टिवल कैलेंडर पर देखी जा सकती है।
तिथि, वार और नक्षत्र
- शुक्ल पक्ष की तिथियां प्राथमिकता में रहती हैं, खासकर द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी और एकादशी
- सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को अनुकूल माना जाता है; मंगलवार और शनिवार आमतौर पर टाले जाते हैं
- रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़, उत्तरा भाद्रपद, हस्त, स्वाति, अनुराधा और रेवती नक्षत्रों को गृह प्रवेश के लिए शुभ गिना जाता है
अपनी तारीख को दिन के हिसाब से जांचें
महीना और तिथि तय करने के बाद भी, उसी दिन के भीतर राहु काल, यमगण्ड और अभिजित मुहूर्त अलग-अलग समय पर पड़ते हैं। इन्हें नज़रअंदाज़ करना ठीक नहीं। अपने शहर के लिए सही समय जानने के लिए मुहूर्त पेज पर शहर चुनकर उस दिन का राहु काल, यमगण्ड और अभिजित मुहूर्त देखें, और गृह प्रवेश की रस्म अभिजित मुहूर्त या राहु काल हटाकर शुभ चौघड़िया में रखें।
अंतिम फैसला परिवार का
यह जानकारी सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। परिवार की अपनी परंपरा, पंडित की सलाह और व्यावहारिक सुविधा (जैसे छुट्टी का दिन, सामान की उपलब्धता) को भी उतना ही महत्व दें जितना पंचांग को।